आज गांधी भवन पटना में मुक्तिबोध गया बिहार का सम्मेलन हुआ। इसके संयोजक सुमित रतन धनतेजी थे। जिसमें ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस की जानिब से एडवोकेट वसी अहमद ,जय भीम फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रसादी पासवान जी, राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी राजेश्वर सिंह, स्वामी प्रसाद मौर्य राष्ट्रीय जनता दल के विधायक व मंत्री गण के साथ 15 प्रदेशों से कई तमाम गण मान्य लोग इस सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे। सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि जो एक्ट 1949 में बनाया गया था उसके तहत एक बौद्ध ट्रस्ट बनाया गया था उसमें चार पंडितों को रखा गया था। बौद्ध धर्म के अनुयायियों का कहना है कि हमारे इस धार्मिक ट्रस्ट में किसी अन्य धर्म के लोगों की जगह नहीं होनी चाहिए थी। बौद्ध धर्म के अनुयायियों ने तर्क देते हुए कहा कि हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म दोनों की संस्कृति, पहनावा, विचारधारा अलग है। अतः हमारी धार्मिक व्यवस्था में हम किसी भी गैर मजहबी व्यक्ति को स्वीकार नहीं करेंगे। इसी को लेकर आज के सम्मेलन में विस्तार से चर्चा हुई और निर्णय लिया गया कि बौद्ध गया मुक्ति को एक रथ यात्रा निकली जाएगी। रथ यात्रा पूरे बिहार में भ्रमण करके बोधगया बिहार में जहां से यह ट्रस्ट संचालित होता है उसके कार्यालय पर समापन होगी। बौद्ध अनुयायियों ने कहा कि बौद्ध गया मुक्ति मोर्चा 1949 के इस एक्ट को निरस्त करने की मांग करेगा। इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस के राष्ट्रीय अध्यक्ष वसी अहमद एडवोकेट द्वारा भी आश्वासन दिया गया कि वह भी पूरे दमखम के साथ इस बौद्ध गया बिहार के आंदोलन में शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि हम अपनी पार्टी ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस के साथ ही अन्य मुसलमानो की भी भागीदारी तय करेंगे क्योंकि यह मामला न सिर्फ बौद्ध धर्म से जुड़ा है अपितु यह मामला अल्पसंख्यकों से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारे बक्फ वोर्ड में भी इसी तरह का नियम लाकर दो हिंदुओं को नामित कर दिया गया है जो कि नियम विरोध है। यह मुस्लिम धर्म के अनुयायियों को स्वीकार करने योग्य नहीं है । उन्होंने कहा इससे स्पष्ट है कि बौद्ध धर्म के अनुयायियों और मुस्लिम धर्म के अनुयायियों के साथ वर्तमान सरकार और पूर्व की सरकारों ने कोई भी अच्छा कार्य नहीं किया है। वसी अहमद ने कहा कि बौद्ध और मुस्लिम दोनों का एक ही एजेंडा है और एक ही लक्ष्य है इसलिए हम एक मोर्चा बनाकर एक साथ आकर अपनी लड़ाई को और तेज धार देंगे जिससे इस दमनकारी सरकार के विरुद्ध अपनी लड़ाई को मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो बाद में इस आंदोलन को देशव्यापी आंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्स्ट फेज में हम बिहार सरकार के 38 जिलों में रथ यात्रा के रूप में एक मुक्ति यात्रा निकाली जाएगी। इसके माध्यम से जन जन तक अपनी बात पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। सम्मेलन में ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसी अहमद एडवोकेट प्रसादी पासवान राजेश्वर सिंह के साथ ही सैकड़ो लोग मौजूद रहे।