स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी से शिष्टाचार मुलाकात कर गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की उनकी मांगों का पूर्ण समर्थन किया।
इस अवसर पर शंकराचार्य जी ने स्नेहपूर्वक शाल ओढ़ाकर मेरा स्वागत किया, जो मेरे लिए सम्मान और आशीर्वाद का प्रतीक है।
इस दौरान मैंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुस्लिम समाज भी गौ हत्या के खिलाफ है। मुसलमानों को बदनाम करना और उन्हें निशाना बनाना न केवल गलत है, बल्कि यह समाज में नफरत फैलाने का कार्य करता है।
गाय हमारे हिंदू भाइयों की आस्था, संस्कृति और संवेदनशीलता का प्रतीक है—और इसकी रक्षा पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
देश को बांटने की राजनीति नहीं, बल्कि जोड़ने वाली सोच और आपसी भाईचारे की जरूरत है।