नई दिल्ली।
भारत-पाकिस्तान युद्ध 1965 के महान वीर योद्धा एवं परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की जयंती के अवसर पर आज नई दिल्ली स्थित राजा राम मोहन राय मेमोरियल में ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी की ओर से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट वसी अहमद ने की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, पार्टी पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से शाशन मलिक, नसीम इदरीसी, गुलाम सरवर सहित सैकड़ों लोगों ने शिरकत की। उपस्थित वक्ताओं ने वीर अब्दुल हमीद के जीवन, उनके अदम्य साहस, देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति उनके बलिदान को याद करते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट वसी अहमद ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद केवल एक सैनिक नहीं बल्कि भारत की गौरवशाली परंपरा, साहस और देशप्रेम के प्रतीक थे।
उन्होंने कहा कि 1965 के युद्ध में वीर अब्दुल हमीद ने जिस वीरता का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने प्राणों की परवाह किए बिना देश की रक्षा की और दुश्मन के सामने अदम्य साहस का परिचय दिया।
वसी अहमद ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद का जीवन हमें यह संदेश देता है कि देश की सुरक्षा और सम्मान सबसे ऊपर है। उनका बलिदान हमेशा भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के युवाओं को वीर अब्दुल हमीद के जीवन से देशप्रेम, अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वीर अब्दुल हमीद ने साबित किया कि देश सेवा के लिए जज्बा, साहस और समर्पण सबसे महत्वपूर्ण होता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने वीर अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों और देश सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
एडवोकेट वसी अहमद, शाशन मलिक, नसीम इदरीसी, गुलाम सरवर सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता।