वडोदरा। ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस की ओर से बड़ौदा स्थित ऐतिहासिक संकल्प भूमि पर सामाजिक समानता, भाईचारे और भेदभाव के खिलाफ विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर सामाजिक असमानता और भेदभाव के विरुद्ध संकल्प लिया।
संकल्प भूमि का संबंध डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के वर्ष 1917 के बड़ौदा प्रवास से जोड़ा जाता है। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उन्हें बड़ौदा में जातिगत भेदभाव और रहने की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा तथा लगभग 11 दिन बाद उन्हें बड़ौदा छोड़ना पड़ा। इसी अनुभव को उनके सामाजिक संघर्ष और समानता के संकल्प से जोड़ा जाता है।
कार्यक्रम में डॉ. बी.आर. आंबेडकर के पौत्र यशवंत आंबेडकर, ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट वसी अहमद, प्रो. रतन, डॉ. राजेश्वर गौतम, प्रसादी पासवान, जिमनेस नेवानी सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडवोकेट वसी अहमद ने कहा कि संकल्प भूमि केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, सम्मान और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष की प्रेरणा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव और असमानता को समाप्त करने के लिए सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर ने जिन परिस्थितियों का सामना किया, उन्हें सामाजिक परिवर्तन के संकल्प में बदल दिया। आज आवश्यकता है कि उनके विचारों को केवल स्मरण करने के बजाय समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को व्यवहार में उतारा जाए।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भेदभाव, छुआछूत और सामाजिक असमानता के विरुद्ध संघर्ष करने तथा समानता, सम्मान और भाईचारे को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया।
बताया गया कि डॉ. आंबेडकर की स्मृति और उनके सामाजिक परिवर्तन के संकल्प को याद करने के लिए संकल्प भूमि पर प्रत्येक वर्ष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।